ठंड से कांपता हुआ, कंबल में दुबका मैं। लाचार वसंत पर, जोर से चिल्लाया। ठंड से कांपता हुआ, कंबल में दुबका मैं। लाचार वसंत पर, जोर से चिल्लाया।
तुम और मैं मैं और तुम रहेंगे हम बनकर सपनों को देंगे आकर बहुरिया आना मेरे द्वार। तुम और मैं मैं और तुम रहेंगे हम बनकर सपनों को देंगे आकर बहुरिया ...
कब होगा मेरे धोखों का अंत? कब होगा मेरे धोखों का अंत?
लेकिन आसमान में कोई पंछी नही हैं साथी जो थे प्यारे बहुत से हम से बिछुड़ गए। लेकिन आसमान में कोई पंछी नही हैं साथी जो थे प्यारे बहुत से हम से बिछुड़ गए।
मैं तुम्हें अलविदा करने आया हूँ या तुम मुझे अलविदा करके चले गये। मैं तुम्हें अलविदा करने आया हूँ या तुम मुझे अलविदा करके चले गये।
वादा किया है हमने खुद से दिल आपके नाम हो। वादा किया है हमने खुद से दिल आपके नाम हो।